गजब: जब कुत्ते ने किया गलती से बॉर्डर पार, छिड़ गई थी दो देशों के बीच जंग

Facts Guru

हमारे देश में लाखों बांग्लादेशी नागरिक राजनितिक सांठ-गांठ के ज़रिए अवैध रूप से रह रहे हैं। आजकल सरकार ने इन लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। और पिछले कुछ दिनों से यह मुद्दा राजनैतिक गलियारों में खूब छाया हुआ है। कई राजनितिक दल और नेता इसका विरोध भी कर रहे हैं। लेकिन ऐसा विरोध सिर्फ हमारे ही देश में क्यों होता है यह सोचने का विषय है। भारत में अन्य देशों के लोग आसानी से घुसपैठ करते हैं और कई वर्षों से यहाँ बिना किसी समस्या के रह भी रहे हैं। जबकि कई अन्य देशों में घुसपैठ के नियम कड़े हैं। वहां इंसानो का ही नहीं जानवरों का घुसना भी नामुमकिन है। इतिहास के पन्नों में दर्ज़ एक रोचक खबर आज हम आपके लिए लाये हैं। यहाँ एक कुत्ते के द्वारा दूसरे देश का बॉर्डर पार करने पर युद्ध छिड़ गया था। 

Third party image reference
थोड़ा अलग है मामला
दरसल यह युद्ध का मामला थोड़ा अलग है क्योंकि यह घुसपैठ को लेकर नहीं हुआ था। 20वीं शताब्दी के आरम्भ से ही ग्रीस और बुल्गारिया के बीच मैसेडोनिया और बाद में पश्चिमी थ्रेस पर कब्जे के कारण तनाव शुरू हो गया था। 1904 से 1908 के दौरान दोनों देशों के बीच छोटे-छोटे गुरिल्ला युद्ध हुए। और कुछ साल बाद दूसरे बाल्कन युद्ध (1 913) में दोनो राज्यों के बीच खुला संघर्ष हुआ। फिर भी दोनों देशों की स्थिति तनावपूर्ण थी।

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इस युद्ध के होने के दो मत हैं :
  1. पहले मत में, यह घटना 18 अक्टूबर को शुरू हुई, जब एक ग्रीक सैनिक अपने कुत्ते के पीछे भागा, जो भटक कर बेलसित्सा (बेल) पर डेमिर कपिया (बीजी) के पास ग्रीस की सीमा के पार चला गया था; इसलिए, इसे कभी-कभी भटके कुत्ते के युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। सीमा को बल्गेरियाई गार्डस द्वारा संरक्षित किया गया था, और उनमें से एक ने यूनानी सैनिक को गोली मार दी थी।
  2. दूसरे मत में, ग्रीको-बल्गेरियाई सीमा की यह घटना तब हुई जब 18 अक्टूबर को, बल्गेरियाई सैनिकों ने यूनानी सीमा पार कर, बेलसिट्सा में ग्रीक चौकी पर हमला किया और ग्रीक कप्तान और एक गार्ड की हत्या कर दी।

Demir Kapia (BG), where original incident took place
फलस्वरूप दोनों देशों में युद्ध शुरू हुआ तथा कई लोगों की जानें गई। आंकड़ों में लगभग 121 लोग मारे गए। बाद में लीग ऑफ नेशंस ने ग्रीस को अपने आक्रमण को रोकने और बुल्गारिया से बाहर निकलने के लिए दबाव डाला। लीग ने यह भी मांग की कि ग्रीस बुल्गारिया को £ 45,000 का भुगतान अपने व्यवसाय के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजे के रूप में दे। ग्रीस इन शर्तों से खुश नहीं था, क्योंकि उन्हें लगा कि यह समझौता गलत तरीके से किया जा रहा है, लेकिन जब लीग ने फ्रांस, इटली और ब्रिटेन से सैन्य बलों को भेजा, तो उनका पालन करने के आलावा कोई वास्तविक विकल्प नहीं था और संघर्ष खत्म हो गया।
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