पानी की गहराई में जाते ही कुछ लोगों को डर लगने लगता है। और अगर ये पता चल जाए की पानी के नीचे कुछ डरावने जीव मौजूद हैं तो वैसे ही साँस अटक जाती है। समुद्र की गहरे पानी में कई डरावने और घातक जीव पाए जाते हैं। कुछ तो आम तौर पर दिख जाते हैं लेकिन कुछ अत्यंत दुर्लभ होते हैं। अपने छद्मावरण में छिपे होने और बहुत गहराई में होने के कारण किसी की भी नज़रों को धोखा दे जाते हैं। आज हम कुछ डरावने और घातक जीवों की तस्वीरें आपके लिए लाए हैं जिन्हे देखना आपको ज़रूर अच्छा लगेगा :
1. ब्लैक ड्रैगन फिश: 6,500 फीट (2,000 मीटर) की गहराई में पायी जाने वाली ब्लैक ड्रैगन फिश एक छोटी लेकिन घातक मछली है। मादाएं 15.7 इंच (40 सेमी) नर की तुलना में काफी बड़ी होती हैं, जो 1.9 इंच (पांच सेमी) लम्बे होते हैं।
2. फैंगटूथ मोरे: फैंगटूथ मोरे ईल परिवार की सदस्य हैं जो आम तौर पर अटलांटिक महासागर में 200 फीट (60 मीटर) की गहराई में पाई जाती हैं इसके पास दांतों का एक घातक सेट होता है।
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3. मरीन हैचेटफिश: Marine hatchetfish गहरे समुद्र का जीव है। इसकी 40 विभिन प्रजतियाँ हैं। यह आम तौर पर अटलांटिक, प्रशांत और हिन्द महासागर के पानी में 600 फीट (183 मीटर) से 4,500 फीट (1,372 मीटर) तक की गहराई में पाए जाते हैं।
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4. स्कॉर्पिओ फिश: इसे स्टोनफिश या रॉकफिश भी कहा है। यह हिन्द और दक्षिण प्रशांत महासागर में पाई जाती हैं, जो आमतौर पर शिकारियों के ध्यान से बचने के लिए प्रवाल चट्टानों में छिपती हैं।
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5. स्लोएन वाइपरफ़िश: यह एक छोटी मछली है जिसकी लम्बाई आठ इंच तक होती है। यह उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण पानी दोनों में 650 फीट (200 मीटर) से 3,280 फीट (1,000 मीटर) की गहराई में पायी जा सकती है।
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6. स्टोनफिश: इस मछली से सावधान रहें। इसकी कई प्रजातियां पायी जाती हैं जिनमें से अधिकतर विषैली और घातक होती हैं। इसका ज़हर 1 घंटे से भी कम समय में किसी व्यस्क आदमी की जान ले सकता है।
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7. पोर्क्यूपिनफिश: यह मछली खतरा होने पर अपने शरीर को सामान्य से दोगुना फुला लेती है। इनमें से कुछ के आतंरिक अंगों में घातक टेट्रोडोटॉक्सिन पाया जाता है।
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8. नीले छल्लों वाला ऑक्टोपस: यह एक ज़हरीला समुद्री जीव है। इस ऑक्टोपस में एक जहर होता है जिसमें टेट्रोडोटॉक्सिन और डोपामाइन जैसे रसायन होते हैं, और इसका कोई ज्ञात एंटीडोट भी नहीं होता है।
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9. नूडीब्रांच: आमतौर पर उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण पानी में पाया जाता है, इस साइकेडेलिक-रंगीन समुद्री स्लग की 3,000 से अधिक ज्ञात प्रजातियां हैं।
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10. वाइटमार्जिन स्टारगेज़र: यह हिन्द और प्रशांत महासागरों में पाया जाता है जो एक महत्वाकांक्षी शिकारी है। यह लगभग पूरी तरह समुद्रतल से चिपक कर छुप जाता है। इसकी केवल आंखें ही बहार रहती हैं। यह बिजली भी पैदा करती हैं और इल की तरह ही लगभग 50 वोल्ट का झटका दे सकती है।
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11. ब्राइटल स्टार: माना जाता है कि दुनिया में ब्राइटल स्टार की 2,000 से अधिक प्रजातियां हैं, जिनमें से अधिकतर 650 फीट (200 मीटर) या इससे अधिक की गहराई में पायी जाती हैं।

